धर्म,संस्कृति को बचाए रखने के लिए माता राजमोहिनी के मार्ग पर चलना होगा- कौशल्या साय

पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुई कौशल्या साय
प्रतापपुर  - पद्मश्री माता राजमोहिनी देवी की 32 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा मुख्यमंत्री विष्णु देव सायजी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के मुख्य आतिथ्य व सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जनजाति गौरव समाज प्रदेश महामंत्री राम लखन सिंह पैकरा के विशिष्ट आतिथ्य तथा जनजाति गौरव समाज संभागीय अध्यक्ष परमेश्वर सिंह मरकाम, जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं राजमोहिनी आश्रम संचालिका श्रीमती राम बाई तथा अमित सिंह मरावी की उपस्थिति में प्रतापपुर के गोविंदपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड तथा छत्तीसगढ़ में माता राजमोहिनी द्वारा स्थापित 24 आश्रमों के प्रमुख अनुयाई एवं भक्तजनों की की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या देवी साय ने माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माता राजमोहिनी देवी के बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए जनजाति रीति-रिवाज,परंपरा, धर्म व संस्कृति को बचाए रखने के लिए सामाजिक बुराईयों को लेकर माताजी ने जो आंदोलन शुरू किया उसे पुरजोर तरीके से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सभी समाज को मिल कर हिंदू समाज को मजबूत और संगठित करने के लिए भक्तों से आह्वान किया और कहा कि विदेशी धर्म संस्कृति से बचना अत्यंत आवश्यक है लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करने का एक जो षड्यंत्र चल रहा है उसे पूरे समाज को सावधान रहना है। आगे उन्होंने कहा कि अभाव में गरीबी में अकाल के समय माताजी ने पूरे समाज में समरसता का संदेश दिया। आज सरकार और समाज आपके साथ है विशेष रूप से महिलाओं के लिए स्वयं का और माता जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने पुरुषों से भी घर की महिला बहनों को सामाजिक काम में घर से बाहर जाने के लिए छूट देने की अपील की। इस अवसर सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज ने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि गांव-गांव जाकर पदयात्रा कर पुरुषों युवाओं तथा महिलाओं की अलग अलग टीम बना कर जहां भी हमारे जनजाति समाज पर विदेशी षड्यंत्र कर कोई बाहरी व्यक्ति लालच देकर धर्म परिवर्तन कराता है तो हम सबकी ये सामूहिक जिम्मेदारी है कि समाज को बचाने के लिए लोग आगे आयें। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता राजमोहिनी देवी के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए सभी भक्तों को और सभी समाज के लोगों को साथ जोड़कर के अपने संगठन की ताकत को बढ़ाने के लिए समय-समय पर इस तरह का आयोजन सभी आश्रमों में करते रहना चाहिए। इस अवसर पर आश्रम की संरक्षिका माता श्रीमती राम बाई ने पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए श्रीमती कौशल्या देवी साय का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आश्रम के अध्यक्ष अमित सिंह मरावी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव सायजी की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के माताजी के तपस्या स्थल पर पूरे भक्तों के बीच में सुदूर वनांचल क्षेत्र में पहली बार सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित होने से भक्त हर्षित हैं। माताजी के भक्त जनों के साथ में 32 वीं पुण्य तिथि के अवसर पर माताजी के अधूरे कार्य को पूरा करने में माता जी के अनुयाई भक्तों को बल मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन जनजाति गौरव समाज के प्रदेश महामंत्री राम लखन सिंह पैकरा ने किया। इस अवसर पर जनजाति गौरव समाज के सरगुजा संभाग के अध्यक्ष परमेश्वर सिंह मरकाम, हंस राज़ सिंह मरकाम, सूरजपुर जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह, बलरामपुर जिला अध्यक्ष रघुवीर भगत, श्रीमती शशि कला भगत, श्रीमती मनीषा पैकरा, बुद्धना राम, मुकेश अग्रवाल, जय सिंह मरकाम, दशरथ राम मरकाम, सुदामा प्रसाद, बसंत बावली, पूरन सिंह मरकाम, राम अमरजीत कुरी, रामदयाल नेता, राम चरित्र खाया, विशाल कुमार, खसरू राम, बनकर शनिचरा, महल सिंह, रामलाल नेम, समर सिंह, केवल सिंह, गंगाराम, जय नाथ सिंह मरावी, गणेशाराम व्यास, सहदेव सिंह, रामखेलावन सिंह, वासुदेव सिंह बढ़ाते राम, ललन सिंह कलके, बिहारी सिंह बॉय तथा रामदुलार सिंह सहित हजारों की संख्या में भक्तजन श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।

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